85% भागीदारी चाहिए देश के हर संसाधन में

85 प्रतिशत भागीदारी और देश के हर संसाधन में समान हिस्सेदारी की मांग दर्शाता आरक्षण जागरूकता थंबनेल

आरक्षण की बहस से आगे बढ़कर शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, संसाधनों और निर्णय प्रक्रिया में व्यापक सामाजिक भागीदारी का सवाल—“आरक्षण नहीं, भागीदारी चाहिए” की विचारधारा को समझने वाला लेख।